डेलमोनिको को लगा कि ये आदमी सेना का जवान है.

उसने फिंडले को अपनी सीट पर बैठ जाने को कहा और उनके बैठने के बाद डेलमोनिको और मिनिचिलो केबिन की तरफ बढ़ गए. डेलमोनिको ने पर्दा हटाते हुए फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट में प्रवेश किया, उनके घुटने थरथरा रहे थे, उन्होंने अपनी दोनों फ्लाइट अटेंडेंट से कहा, “मेरे पीछे बंदूक लिए एक आदमी है.” इसके बाद दोनों तेजी से रास्ते से हट गईं.

कुछ यात्रियों ने मिनिचिलो को डेलमोनिको पर चिल्लाते हुए सुना भी. मिनिचिलो कॉकपिट के दरवाजे पर पहुंचने के साथ ही ज्यादा आक्रामक दिखने लगा था. हालांकि पूरे रास्ते में वह विनम्र था और डेलमोनिको का सम्मान भी कर रहा था. डेलमोनिको के शब्दों में वह अच्छे बच्चे की तरह बर्ताव कर रहा था. लेकिन अब उसके अंदर का उन्माद बाहर निकलने लगा था.

डेलमोनिको को फ्लाइट के कैप्टन का निर्देश याद था- दरवाजा खटखटाएं नहीं बल्कि घंटी बजाएं. लेकिन मिनिचिलो को लगा कि ये कोई चाल हो सकती है लिहाजा उसने डेलमोनिको को घंटी बजाने से रोक दिया.

डेलमोनिको को दरवाजा ही खटखटना पड़ा और उन्हें लगा कि इससे पायलटों का दल अलर्ट हो जाएगा. लेकिन दरवाजा खुला और डेलमोनिको ने सावधान चालक दल से बताया कि उनके पीछे एक आदमी बंदूक लिए खड़ा है.

मिनिचिलो तब तक कॉकपिट के अंदर आ चुके थे, उन्होंने कॉकपिट में मौजूद तीनों चालक- कैप्टन कुक, फर्स्ट ऑफिसर वेनज़ेल विलियम्स और फ्लाइट इंजीनियर लॉयड होलराह, पर रायफल तान दी.

विलियम्स को लगा कि मिनिचिलो काफी प्रशिक्षित और सशस्त्र हैं. उन्हें ये मालूम था कि चालक दल से क्या लेना और वह हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध भी थे. जब डेलमोनिको कॉकपिट से बाहर निकल गईं तब मिनिचिलो ने चालक दल से भारी आवाज़ में अंग्रेजी में कहा, “जहाज को न्यूयार्क की तरफ मोड़ो.”

जहाज के अंदर बंदूक लिए आदमी को जिन यात्रियों ने देखा, उन सबने इसका नोटिस लिया. क्योंकि यह एक असमान्य घटना थी.

हार्पर्स बिजायर ग्रुप के सभी सदस्य, मिनिचिलो के पास से गुजरने के कुछ ही सेकेंडों में आसपास बैठ चुके थे. उनकी शाम अजीब अनुभव वाली थी जो अब और भी अजीब होने लगी थी. वे सब अनुमान लगा रहे थे कि इस आदमी ने जहाज के अंदर रायफल कैसे निकाल लिया?अब वे लोग कहां जा रहे हैं? हॉन्गकॉन्ग, शायद? ये लोग कभी हॉन्गकॉन्ग नहीं गए थे, उन्हें लग रहा था कि वहां जाना किसी फन से कम नहीं होगा.

यहां पर जूडी प्रोवेंस की ट्रेनिंग ने भी अपना काम शुरू कर दिया. टीडब्ल्यूए की फ्लाइट अटेंडेंट जूडी ऑफ ड्यूटी पर थीं और सैन फ्रांसिस्को अपने घर लौट रही थीं. वह एशियाई फ्लाइट में आठ दिन लगातार काम करने के बाद अपने घर लौट रही थीं.

हर साल, जूडी और टीडब्ल्यूए के कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाती है कि अपातकालीन परिस्थितियों में किस तरह रिएक्ट करें. इन अपातकालीन परिस्थितियों में हाईजैकिंग भी शामिल है. जो सबसे बात उन्हें बताई जाती है वह इन परिस्थितियों में शांत बने रहना है. दूसरी अहम बात ये बताई जाती है कि किसी भी सूरत में हाईजैकर के प्यार में नहीं पड़ना है क्योंकि हाईजैकर हवाईकर्मी दल से सहानुभूति हासिल करने की कोशिश करते हैं.

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