दक्षिणी इटली की पहाड़ियों यानी नेपल्स से उत्तर पूर्व में अचानक से ज़मीन हिलने लगी, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ये कोई अचरज नहीं हुआ क्योंकि ये भूकंप के लिहाज से यूरोप का सबसे संवेदनशील इलाका है और यहां के लोगों को इसकी आदत पड़ चुकी थी. शाम के शुरू होते ही आए इस भूकंप की तीव्रता रेक्टर स्केल पर 6.1 थी, जो डराने के लिए काफी था लेकिन इसके बाद आए दो तेज झटकों ने ज्यादा नुकसान किया था.
भूकंप के केंद्र से 20 किलोमीटर की दूरी और कुछ सौ मीटर उत्तर में मिनिचिलो का परिवार रहा था, तब राफेले की उम्र थी 12 साल. भूकंप के तीसरे झटके के बाद उनका गांव मिलिटो इरपिनो एकदम निर्जन हो चुका था. मिनिचिलो के परिवार के पास कुछ नहीं बचा था, राफेले ने बाद में याद किया कि अधिकारियों में से कोई मदद के लिए भी नहीं आया था.
नुक़सान इतना ज्यादा था कि पूरा का पूरा गांव को खाली करके फिर नए सिरे से बसाना पड़ा था. कई परिवार अपने गांव लौट आए थे लेकिन मिनिचिलो के परिवान ने बेहतर जीवन के लिए अमरीका जाना बेहतर समझा.
लेकिन राफेले मिनिचिलो ने अपने जीवन में युद्ध, आघात और कुख्याति ही हासिल की.
फौजी ड्रेस पहने राफेले मिनिचिलो ने जहाज के अंदर कदम रखा, उनके हाथ में लॉस एंजलिस से सैन फ्रांसिस्को जाने के लिए 15.50 डॉलर का टिकट था.
यह ट्रांसवर्ल्ड एयरलाइंस की फ्लाइट 85 का अमरीका में अंतिम ठिकाना था. जहाज ने अपनी उड़ान कई घंटे पहले बाल्टीमोर से शुरू की थी, इसके बाद सेंट लुइस और कानसास सिटी होते हुए विमान यहां पहुंची थी.
कॉकपिट में तीन पायलट का दल था, जिनकी मदद के लिए चार युवा फ्लाइट एटेंडेंट मौजूद थीं, इनमें से अधिकांश की नौकरी कुछ ही महीने पुरानी थी. चारों में सबसे अनुभवी थीं चार्लेनी डेलमोनिको. मिजोयरी की रहने वाली 23 साल की डेलमोनिको के बाल बॉब कट वाले थे और वह बीते तीन सालों से एयरलाइंस के साथ काम कर रहीं थीं. डेलमोनिको ने अपनी शिफ्ट बदली थी क्योंकि वह हैलोवीन वाली रात छुट्टी चाहती थीं.
कनसास सिटी से उड़ान भरने से पहले 31 साल के कैप्टन डोनल्ड कुक ने फ्लाइट एटेंडेंट को एक सूचना दी थी जो आम चलन से हटकर थी, इस सूचना के मुताबिक़ कॉकपिट में आने के लिए दरवाज़ा खटखटाने के बदले दरवाजे़ के बाहर लगी घंटी बजानी थी.
फ्लाइट लॉस एंजलिस में देर रात पहुंची थी. कुछ यात्री जहाज से उतर गए जबकि कुछ नींद भरी आंखों के साथ सैन फ्रांसिस्को की छोटी उड़ान के लिए जहाज में सवार हो गए. रोशनी इतनी मद्धिम थी कि विमान में सवार यात्रियों की नींद में खलल ना पड़े. जब यात्री विमान में सवार हो रहे थे तब फ्लाइट अटेंडेंट शांति से उनका टिकट चेक कर रही थीं, लेकिन डेलमोनिको का एक यात्री खासकर यात्री के बैग पर ध्यान गया.
यह यात्री फौजी कपड़ों में था, उसके लंबे भूरे बाल सिमटे हुए थे, वह नर्वस भी दिख रहा था लेकिन विनम्रता के साथ उसने जहाज में कदम रखा था. उसके बैकपैक से एक पतला कंटेनर बाहर निकला हुआ दिख रहा था.
डेलमोनिको फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट की ओर बढ़ रही थीं, और उनकी सहयोगी तान्या नावाकॉफ और रार्बटा जॉनसन यात्रियों को उनकी सीट बता रही थीं. तभी डेलमोनिको ने अपने सहयोगियों से पूछा कि उस युवा आदमी के बैकपैक से बाहर क्या निकला हुआ था. इसका जवाब मिला- फिशिंग रॉड- मछली पकड़ने वाला रॉड. जवाब सुनने के बाद डेलमोनिको का डर दूर हुआ और वह जहाज के पीछे की ओर लौट गईं.